Bihar: राज्य में नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की चर्चाओं के बीच राजनीतिक हलचल तेज है, लेकिन इन अटकलों के बीच भी Nitish Kumar अपने काम में जुटे नजर आए। सोमवार को वह चिलचिलाती धूप में सारण पहुंचकर विभिन्न विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करते दिखे।
मुख्यमंत्री ने बाकरपुर-मानिकपुर फोरलेन सड़क निर्माण कार्य और जेपी सेतु के समानांतर बन रहे नए पुल का जायजा लिया। उनके इस दौरे को लेकर लोगों में चर्चा रही कि जहां एक ओर उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हैं, वहीं दूसरी ओर वह अंतिम समय तक विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, 14 अप्रैल को Ambedkar Jayanti के अवसर पर मुख्यमंत्री अपनी सरकार की आखिरी कैबिनेट बैठक कर सकते हैं, जिसके बाद उनके इस्तीफे की संभावना जताई जा रही है। इसके अगले दिन 15 अप्रैल को राज्य में नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने की चर्चा है। फिलहाल नए मुख्यमंत्री के नाम पर स्थिति साफ नहीं है, हालांकि Samrat Choudhary का नाम चर्चा में बना हुआ है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजनाएं क्षेत्र के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और इनके पूरा होने से यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने पटना-बेतिया एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य के प्रथम खंड का भी निरीक्षण किया। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि इस ग्रीनफील्ड परियोजना का काम तेजी से चल रहा है और इसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूरी होने के बाद पटना से बेतिया की दूरी करीब तीन घंटे में तय की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना वैशाली, सारण, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिलों को सीधे पटना से जोड़ेगी, जिससे उत्तर बिहार के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे।